हरिद्वार में इंसानियत शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। कुछ साल पहले चाची से रेप और मर्डर में जेल में बंद दरिंदा जब जेल से बाहर आया तो उसकी गंदी नजर अपनी ही 9 साल की मासूम बेटी पर पड़ गई। पीड़िता की मां आरोप लगाया है कि उसका पति कई रातें बच्ची से गंदा काम करने की कोशिश कर चुका है और बेटी ने भागकर अपनी जान बचाई। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मामले में आरोपी को दोषी पाते हुए 10 साल कैद की सजा सुनाई है। नौ वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म करने की कोशिश और विरोध करने पर पत्नी को गाली गलौज कर जान से मारने की धमकी देने के मामले में फास्ट ट्रैक विशेष कोर्ट/एडीजे चंद्रमणि राय ने आरोपी पिता को दोषी करार दिया है।
विशेष कोर्ट ने आरोपी पिता को 10 वर्ष की कैद और 10 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। शासकीय अधिवक्ता भूपेंद्र चौहान ने बताया कि सात अक्टूबर 2022 से श्यामपुर क्षेत्र में एक किशोरी का अपने घर पर लगातार मानसिक और शारीरिक शोषण किया जा रहा था। पीड़िता ने मां को अपनी सारी आपबीती बताई थी। बताया था कि आरोपी पिता गलत नीयत से छेड़खानी और दुष्कर्म की कोशिश करते हैं। इस पर किसी तरह पीड़िता ने बचकर अपनी जान बचाई थी। शिकायतकर्ता माता के विरोध करने पर आरोपी पति ने उसके साथ मारपीट की थी। शिकायतकर्ता माता ने बताया कि हाल ही में रात को आरोपी ने दोबारा दुष्कर्म करने की कोशिश की। शोर सुनकर उठी शिकायतकर्ता माता ने बड़ी मुश्किल से पीड़ित लड़की को आरोपी पिता के चंगुल से बचाया था।
पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। सरकारी पक्ष ने साक्ष्य में आठ, कोर्ट की ओर से एक और बचाव पक्ष की ओर से आरोपी पिता को गवाह के रूप में पेश किया था। कोर्ट ने आरोपी पिता को 10 वर्ष की कैद 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। आरोपी पिता को जुर्माना राशि जमा ना करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। आरोपी पिता पर पड़ोस में ही रहने वाली अपनी चाची के साथ बलात्कार करने के बाद उसकी हत्या करने का मुकदमा चल रहा था। लॉक डाउन में जेल से बाहर आकर उसके बाद इस घटना को अंजाम देने का आरोप लगाया था।



