उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) ने 416 स्नातक स्तरीय पदों के लिए 14 जून को आयोजित की जा रही पुनर्परीक्षा में सभी आवेदक 1,54,602 परीक्षार्थियों को मौका देने का निर्णय लिया है। बीते 21 सितंबर, 2025 को आयोजित इस परीक्षा में प्राकृतिक आपदाओं के कारण करीब 49 हजार परीक्षार्थी परीक्षा में बैठने से वंचित रह गए थे। हालांकि, यह परीक्षा पेपर लीक होने के चलते रद कर दी गई थी। आयोग ने पुनर्परीक्षा में उन्हीं छात्रों के मौका देने का पहले निर्णय लिया था जिन्होंने पहले परीक्षा दी थी। लेकिन युवाओं के आग्रह के बाद सभी आवेदन करने वाले युवाओं को मौका दिया जा रहा है। स्नातक स्तरीय परीक्षा यूकेएसएसएससी के लिए बड़ी चुनौती मानी जा रही है। बीते 21 सितंबर, 2025 को आयोजित इसी भर्ती परीक्षा के दौरान नकल और अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद परीक्षा रद करनी पड़ी थी।
परीक्षा को निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए इस बार आयोग अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) तकनीक का सहारा ले रहा है। राज्यभर में बनाए गए 445 परीक्षा केंद्रों की निगरानी आयोग के कंट्रोल रूम से सीसीटीवी कैमरों और एआइ आधारित लाइव मानीटरिंग सिस्टम के माध्यम से की जाएगी। प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन में चुनौतियां केवल उत्तराखंड तक सीमित नहीं हैं। देशभर में परीक्षाएं आयोजित करने वाली राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की नीट और सीयूईटी जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में भी पेपर लीक और नकल के मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे माहौल में यूकेएसएसएससी के सामने भी परीक्षा को पूरी पारदर्शिता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न कराने की बड़ी जिम्मेदारी है।
स्नातक स्तरीय पुनर्परीक्षा में आवेदन करने वाले सभी अभ्यर्थियों को मौका दिया जा रहा हैं। परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। एआइ आधारित लाइव निगरानी और सीसीटीवी मानीटरिंग के माध्यम से परीक्षा को निष्पक्ष एवं सफलतापूर्वक संपन्न कराया जाएगा।
जीएस मर्तोलिया, अध्यक्ष, यूकेएसएसएससी



