उत्तराखंड के कई इलाकों में शनिवार को मौसम ने करवट बदली और झमाझम बारिश हुई, इस बारिश से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली तो वहीं थोड़ी मुश्किल भी खड़ी हुई है, क्योंकि कुछ देर की बारिश ने ही सिस्टम की पोल खोल कर रखी दी है, इस दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग-534 पर भी सतपुली-कोटद्वार के बीच बड़ी दुर्घटना होने से भी बच गई, बताया जा रहा है कि कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज की कार पत्थर गिरा, जिससे कार का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया, राहत की बात ये है कि इस घटना में कोई चोटिल नहीं हुआ, दरअसल, शनिवार को हुई बारिश के बाद पौड़ी – श्रीनगर मोटर मार्ग कई स्थानों पर मलबा और पत्थर सड़क पर आ गए, जिससे यातायात कुछ समय के लिए बाधित हो गया, सड़क बंद होने से यात्रियों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा, तभी वहां से गुजर रहे कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज की कार पर भी पत्थर गिर गया, जिससे गाड़ी का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया।
जानकारी के अनुसार घटना उस समय हुई जब मंत्री अपने वाहन से यात्रा कर रहे थे, वाहन में उनके साथ उनकी पत्नी और पूर्व मंत्री अमृता रावत भी सवार थीं, अचानक पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण वाहन को नुकसान पहुंचा, लेकिन राहत की बात यह रही कि वाहन में सवार सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं, घटना के बाद मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया, स्थानीय लोगों और प्रशासन ने स्थिति का जायजा लिया, सूचना मिलते ही राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी मशीनों की सहायता से सड़क पर जमा मलबे को हटाने का कार्य शुरू किया, मलबा साफ होने के बाद मार्ग पर यातायात को सुचारू रूप से बहाल कर दिया गया, जिससे लोगों को आवागमन में राहत मिली, लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ों से पत्थर और मलबा गिरने की घटनाओं का खतरा बढ़ गया है, जिससे पर्वतीय मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है, लगातार बारिश के चलते क्षेत्र में भूस्खलन और पत्थर गिरने की आशंका बनी हुई है।
शनिवार को हुई बारिश से जहां मसूरी का मौसम सुहाना हो गया था, तो वहीं पर्यटकों और स्थानीय लोगों को थोड़ी परेशानी भी हुई, शनिवार देर शाम हुई तेज बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई थी, सबसे अधिक परेशानी कंपनी गार्डन के ऊपरी क्षेत्र में देखने को मिली, जहां बंद पड़े नालों के कारण सड़कें पानी से लबालब भर गई, बारिश के दौरान सड़क पर इतना पानी जमा हो गया कि कई दोपहिया और चारपहिया वाहन आधे से अधिक पानी में डूब गए, कुछ वाहनों के चैंबर और अन्य पुर्जों को भी नुकसान पहुंचने की सूचना है, जलभराव के कारण पर्यटकों और स्थानीय लोगों को काफी देर तक जाम और अव्यवस्था का सामना करना पड़ा।



