अंकिता भंडारी हत्याकांड का मामला सीबीआई जांच की संस्तुति के बाद ठंडा पड़ गया था, लेकिन एक बार फिर से मामले को लेकर लोग सड़कों पर उतरने लगे हैं, इसी कड़ी में अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच ने विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी के यमुना कॉलोनी स्थित सरकारी आवास को घेरने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को यमुना कॉलोनी के मेन गेट पर बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया, इससे गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी करते हुए सीबीआई यानी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो जांच की सुस्त रफ्तार और प्रभावशाली संदिग्धों की गिरफ्तारी न होने पर नाराजगी जताई, इस बीच यमुना कॉलोनी के मुख्य द्वार पर काफी देर हंगामा होता रहा, उन्होंने एक सुर में आवाज उठाई कि सीबीआई की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो, साथ ही कथित वीआईपी को गिरफ्तार किया जाए।
अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच की सदस्य कमला पंत ने कहा कि अब तक सरकार ने जनता को ये नहीं बताया कि जांच में क्या सामने आया है? उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि न तो अंकिता मामले पर वीआईपी की गिरफ्तारी हो पाई है और ना ही उन्हें जांच के दायरे में लाया गया है,कमला पंत ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार कार्रवाई करने की बजाय संदिग्धों को संरक्षण दे रही है और जो यहां आकर देवभूमि की जनता का अपमान कर रहे हैं, उन्होंने चेतावनी दी कि उत्तराखंड की महिलाएं अब अपनी अस्मिता पर किसी भी सूरत में हमले बर्दाश्त नहीं करेंगी, उत्तराखंड की जनता ने बड़ी शहादतों के बाद राज्य लिया है। उन्होंने कहा कि यहां की महिलाएं अब अपनी महिलाओं पर अत्याचार किसी भी तरह सहन नहीं करने वाली हैं, यहां के लोगों ने मुजफ्फरनगर कांड को झेला है, इसलिए अंकिता को न्याय दिलाने के लिए अंतिम सांस तक इस लड़ाई को लड़ा जाएगा, उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में करवाई जाने की मांग उठाई है।
वहीं, प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता प्रतिमा सिंह ने कहा कि कांग्रेस शुरुआत से अंकिता को न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ती आ रही है, उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सीबीआई जांच में वीआईपी की भूमिका की भी गंभीरता से जांच की जा रही है या फिर नहीं की जा रही है? वहीं, इस घटना में शामिल कथित वीआईपी का मामला लगभग ठंडा हो गया था, अचानक एक्ट्रेस और कथित तौर पर ज्वालापुर से पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी उर्मिला सनावर ने ऑडियो एवं वीडियो जारी कर दिए, जिसके बाद मामला एकाएक उठा और विरोध प्रदर्शन के साथ कथित तौर पर वीआईपी के नाम को लेकर बवाल हो गया, इतना ही नहीं सीएम आवास कूच से लेकर जगह-जगह प्रदर्शन हुए, आखिर में मामला बिगड़ता देख सीएम धामी ने बीती 9 जनवरी 2026 को सीबीआई जांच की संस्तुति कर डाली, जिसके बाद सीबीआई मामले की जांच कर रही है।



