आज अल्मोड़ा में न्यू इंदिरा कॉलोनी के वीर सावरकर बाजार में शनि देव मंदिर में माघ की खिचड़ी का भव्य आयोजन किया गया जिसमें सुबह से ही लोग पूजा अर्चना करने पहुंचे इसके साथ ही शनि मंदिर में हनुमान जी की प्रतिमा भी स्थापित की गई तथा माघ के महीने में होने वाली इस खिचड़ी के आयोजन में भारी संख्या में लोगों ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया। जिनसमे न्यू इंदिरा कॉलोनी वाशियों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।
माघ महीने (मकर संक्रांति) में खिचड़ी का आयोजन मुख्य रूप से सूर्य के धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करने, नई फसल के आगमन और शीतकाल के स्वास्थ्य संबंधी लाभों के लिए किया जाता है। दाल-चावल की खिचड़ी को पौष्टिक, सात्त्विक और सुपाच्य भोजन माना जाता है। इस दिन दान-पुण्य से शनि देव प्रसन्न होते हैं और सुख-समृद्धि आती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मकर संक्रांति पर खिचड़ी का दान करने से शनि दोष और अन्य ग्रहों की शांति होती है।
एक पौराणिक कथा के अनुसार, जब खिलजी ने आक्रमण किया था, तब योगियों को भोजन पकाने का समय नहीं मिलता था। तब बाबा गोरखनाथ ने दाल, चावल और सब्जी को मिलाकर खिचड़ी पकाने की सलाह दी थी, जो कि स्वास्थ्यवर्धक और जल्दी पकाने वाली थी। इस दिन जगह-जगह भंडारे का आयोजन (जैसे गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में) एकता और प्रेम का प्रतीक है, जहां सभी मिलकर प्रसाद ग्रहण करते हैं। यह त्योहार सूर्य उपासना से जुड़ा है, जो शीत ऋतु के अंत और बसंत ऋतु के आगमन का संकेत देता है।



